1967 में बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव से उपजी यह 'सोच' 21वीं सदी के शुरुआती वर्षों तक आते-आते जंगल की कंदराओं से निकल कस्बों से होती हुई शहरों में फैल गई. 2004 में सीपीआई(एम) का प्रोग्राम 'शहरी परिपेक्ष्य : हमारे कार्य में शहरी क्षेत्र' एक खास रणनीति के तहत ही तैयार किया गया था. तब से ही इसने देश के शैक्षिक संस्थानों में जगह बनाते हुए अपनी जड़ें मजबूत करते हुए बौद्धिक तरीके से जंग लड़ने का फैसला कर लिया. इसने शहरों के शिक्षक, वकील, मानवाधिकार संगठन, छात्र, महिला, दलित, धार्मिक अल्पसंख्यक, सिनेमा, साहित्य आदि लोगों के एनजीओ बनाकर जनता को लामबंद करना शुरू कर दिया. हालांकि सीपीआई(एम) का वह दस्तावेज आने के बाद सरकार ने इससे जुड़े संगठनों को गैर-कानूनी (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत प्रतिबंधित कर दिया था. चीनी कम्युनिस्ट नेता माओ ज़ेडॉन्ग के विचारों को अपना आदर्श मानने वालों को माओविस्ट कहा जाता है. माओ ने सरकार के विरुद्ध सेना बनाकर एक साल का 'लंबा मार्च' निकाला था.
सेकुलर होने की ताल ठोंकती और प्रगतिशीलता का बिल्ला टांकने वाली कांग्रेस पार्टी अनेक मुद्दों को सांप्रदायिक रंग देने में कभी पीछे नही रही. वो चाहे मंदिर विवाद हो, तीन तलाक हो या फिर कश्मीर मुद्दा हो. 2008 में कांग्रेस की सरकार थी. उस समय जब नेपाल ने हिंदू राजशाही छोड़कर लोकतंत्र की उंगली थामी तब भी वामपंथियों ने सत्ता में अपनी घुसपैठ बनाई. नतीजा ये हुआ कि भारतीय संस्कृति से अटूट रूप से बंधा हुआ नेपाल भी भारत के बजाए चीन से नजदीकी बनाने लगा. गुप्तचर एजेंसी रॉ के एक विशेष निदेशक की मानें तो नेपाल में सत्ता परिवर्तन का श्रेय उस समय की कांग्रेस सरकार को ही जाता है. उसी समय कांग्रेस सरकार ने चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एक गुप्त एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे.
2017 में जब भारत-चीन के बीच डोकलाम विवाद जारी था तब राहुल गांधी चीन के राजनयिकों के साथ सीक्रेट मीटिंग कर रहे थे. आज राहुल गांधी संसद में बोलते हैं कि पाक-चीन वर्तमान भारत सरकार की गलत विदेश नीति के चलते एक साथ आ रहे हैं. इतिहास झूठ नही बोलता. तिब्बत पर चीनी कब्ज़े की स्वीकारोक्ति कांग्रेस ने दी(1954). अक्साई चीन में चीनी अतिक्रमण कांग्रेस के समय ही हुआ(1960). पाक-चीन काराकोरम हाइवे का निर्माण कांग्रेस के वक्त ही हुआ(1959). शक़साम घाटी अप्रत्यक्ष रूप से चीन ने कांग्रेस के समय ही हथियाई(1963). पाक-चीन के मध्य परमाणु समझौता कांग्रेस के समय हुआ(2008). पाक-चीन आर्थिक गलियारा भी कांग्रेस सरकार के रहते शुरू हुआ(2013). कितने ही उदाहरण हैं. सीनियर कांग्रेसी नेता विद्या चरण शुक्ल की हत्या माओवादियों द्वारा ही कि गई तथा उनके परिजनों ने इस घटना में दूसरे अन्य कांग्रेसी नेताओं के नक्सलियों के साथ मिले होने का आरोप लगाया.
1818 में भीमा कोरेगांव में अंग्रेज व मराठों के बीच युद्ध हुआ था. मराठों की हार हुई थी. पिछले वर्षों उसी युद्ध की दो सदी पूर्ण होने पर यलगार परिषद ने एक रैली आयोजित की. कांग्रेस पार्टी पर उसकी आर्थिक व कानूनी मदद करने का आरोप लगाया गया. पुलिस को मिला एक पत्र इस बात की पुष्टि करता है. रैली तो दरअसल एक मुखोटा था. वरिष्ठ पत्रकार, लेखक व संपादक आलोक मेहता लिखते हैं कि, "नक्सल आतंकी संगठन से पीछा छुड़ाकर छत्तीसगढ़ पुलिस के सामने समर्पण करने वाले आदिवासी स्त्री पुरुष से बातचीत करने का अवसर मुझे करीब तीन वर्ष पहले मिला. उनकी बात दिल दहला देने वाली थी."
रूस और अमेरिका ने जापान के विरुद्ध चीन को खड़ा करने के लिए चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को मोटी रकम दी. प्रगतिशीलता के आवरण में कॉन्ग्रेसी यह तो बता देंगे कि गांधी जी हत्या एक हिन्दू ने की थी पर यह नही बताएंगे कि गणेश शंकर विद्यार्थी की हत्या किन्होंने की थी? अपने फायदे के लिए ये धर्म को भी मान्यता दे देंगे. प्रथम महायुद्ध में मुस्लिम देशों ने जब कम्युनिस्ट रूस का तेल बंद कर दिया तब जाकर उसने अपने यहां मस्जिदों को खोला,जो पहले बंद कर दी थी. न खोलते तो तेल के बिना रूस के जहाज बंद पड़े रहते. अमेरिकी मीडिया में एक रिपोर्ट छपी थी कि वहां के प्रमुख चैनलों व अखबारों के संपादक चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यक्रमों में दावत उड़ाने जाते हैं. गलवान घाटी में हुए संघर्ष में भारत-चीन दोनों देशों को नुकसान हुआ.
पर चूंकि भारत में रहकर कोई भी लेबर संगठन या कम्युनिस्ट पार्टियों का सदस्य व्यवहार में राष्ट्र के खिलाफ जाने की हिम्मत नही कर पाता. अर्द्धसत्य प्रचारित करना और विखंडित समाज को जस्टिफाई करने में काँग्रेस जुटी रहती है. इसलिए संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कहना दुरुस्त ही लगता है कि 'कांग्रेस के थॉट पर अर्बन नक्सल ने शिकंजा कस लिया है.' यदि कांग्रेस पार्टी चाहती है कि वह जनता के बीच की पार्टी बने तो उसे राष्ट्र को खंडित करने वाली सोच का त्याग करना ही पड़ेगा, उसे छद्म सेकुलर के घेरे से बाहर आना होगा.
